मत्ती 26:35 - সত্যৱেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Assamese Script35 ততঃ পিতৰ উদিতৱান্, যদ্যপি ৎৱযা সমং মৰ্ত্তৱ্যং, তথাপি কদাপি ৎৱাং ন নাঙ্গীকৰিষ্যামি; তথৈৱ সৰ্ৱ্ৱে শিষ্যাশ্চোচুঃ| अध्यायं द्रष्टव्यम्अधिकानि संस्करणानिसत्यवेदः। Sanskrit NT in Devanagari35 ततः पितर उदितवान्, यद्यपि त्वया समं मर्त्तव्यं, तथापि कदापि त्वां न नाङ्गीकरिष्यामि; तथैव सर्व्वे शिष्याश्चोचुः। अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যবেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Bengali Script35 ততঃ পিতর উদিতৱান্, যদ্যপি ৎৱযা সমং মর্ত্তৱ্যং, তথাপি কদাপি ৎৱাং ন নাঙ্গীকরিষ্যামি; তথৈৱ সর্ৱ্ৱে শিষ্যাশ্চোচুঃ| अध्यायं द्रष्टव्यम्သတျဝေဒး၊ Sanskrit Bible (NT) in Burmese Script35 တတး ပိတရ ဥဒိတဝါန်, ယဒျပိ တွယာ သမံ မရ္တ္တဝျံ, တထာပိ ကဒါပိ တွာံ န နာင်္ဂီကရိၐျာမိ; တထဲဝ သရွွေ ၑိၐျာၑ္စောစုး၊ अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavEdaH| Sanskrit Bible (NT) in Cologne Script35 tataH pitara uditavAn, yadyapi tvayA samaM marttavyaM, tathApi kadApi tvAM na nAggIkariSyAmi; tathaiva sarvvE ziSyAzcOcuH| अध्यायं द्रष्टव्यम्સત્યવેદઃ। Sanskrit Bible (NT) in Gujarati Script35 તતઃ પિતર ઉદિતવાન્, યદ્યપિ ત્વયા સમં મર્ત્તવ્યં, તથાપિ કદાપિ ત્વાં ન નાઙ્ગીકરિષ્યામિ; તથૈવ સર્વ્વે શિષ્યાશ્ચોચુઃ| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavedaH| Sanskrit Bible (NT) in Harvard-Kyoto Script35 tataH pitara uditavAn, yadyapi tvayA samaM marttavyaM, tathApi kadApi tvAM na nAGgIkariSyAmi; tathaiva sarvve ziSyAzcocuH| अध्यायं द्रष्टव्यम् |