प्रकाशितवाक्य 5:1 - သတျဝေဒး၊ Sanskrit Bible (NT) in Burmese Script1 အနန္တရံ တသျ သိဟာသနောပဝိၐ္ဋဇနသျ ဒက္ၐိဏသ္တေ 'န္တ ရ္ဗဟိၑ္စ လိခိတံ ပတြမေကံ မယာ ဒၖၐ္ဋံ တတ် သပ္တမုဒြာဘိရင်္ကိတံ၊ अध्यायं द्रष्टव्यम्अधिकानि संस्करणानिसत्यवेदः। Sanskrit NT in Devanagari1 अनन्तरं तस्य सिहासनोपविष्टजनस्य दक्षिणस्ते ऽन्त र्बहिश्च लिखितं पत्रमेकं मया दृष्टं तत् सप्तमुद्राभिरङ्कितं। अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যৱেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Assamese Script1 অনন্তৰং তস্য সিহাসনোপৱিষ্টজনস্য দক্ষিণস্তে ঽন্ত ৰ্বহিশ্চ লিখিতং পত্ৰমেকং মযা দৃষ্টং তৎ সপ্তমুদ্ৰাভিৰঙ্কিতং| अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যবেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Bengali Script1 অনন্তরং তস্য সিহাসনোপৱিষ্টজনস্য দক্ষিণস্তে ঽন্ত র্বহিশ্চ লিখিতং পত্রমেকং মযা দৃষ্টং তৎ সপ্তমুদ্রাভিরঙ্কিতং| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavEdaH| Sanskrit Bible (NT) in Cologne Script1 anantaraM tasya sihAsanOpaviSTajanasya dakSiNastE 'nta rbahizca likhitaM patramEkaM mayA dRSTaM tat saptamudrAbhiragkitaM| अध्यायं द्रष्टव्यम्સત્યવેદઃ। Sanskrit Bible (NT) in Gujarati Script1 અનન્તરં તસ્ય સિહાસનોપવિષ્ટજનસ્ય દક્ષિણસ્તે ઽન્ત ર્બહિશ્ચ લિખિતં પત્રમેકં મયા દૃષ્ટં તત્ સપ્તમુદ્રાભિરઙ્કિતં| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavedaH| Sanskrit Bible (NT) in Harvard-Kyoto Script1 anantaraM tasya sihAsanopaviSTajanasya dakSiNaste 'nta rbahizca likhitaM patramekaM mayA dRSTaM tat saptamudrAbhiraGkitaM| अध्यायं द्रष्टव्यम् |