1 योहन 4:12 - सत्यवेदः। Sanskrit NT in Devanagari12 ईश्वरः कदाच केनापि न दृष्टः यद्यस्माभिः परस्परं प्रेम क्रियते तर्हीश्वरो ऽस्मन्मध्ये तिष्ठति तस्य प्रेम चास्मासु सेत्स्यते। अध्यायं द्रष्टव्यम्अधिकानि संस्करणानिসত্যৱেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Assamese Script12 ঈশ্ৱৰঃ কদাচ কেনাপি ন দৃষ্টঃ যদ্যস্মাভিঃ পৰস্পৰং প্ৰেম ক্ৰিযতে তৰ্হীশ্ৱৰো ঽস্মন্মধ্যে তিষ্ঠতি তস্য প্ৰেম চাস্মাসু সেৎস্যতে| अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যবেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Bengali Script12 ঈশ্ৱরঃ কদাচ কেনাপি ন দৃষ্টঃ যদ্যস্মাভিঃ পরস্পরং প্রেম ক্রিযতে তর্হীশ্ৱরো ঽস্মন্মধ্যে তিষ্ঠতি তস্য প্রেম চাস্মাসু সেৎস্যতে| अध्यायं द्रष्टव्यम्သတျဝေဒး၊ Sanskrit Bible (NT) in Burmese Script12 ဤၑွရး ကဒါစ ကေနာပိ န ဒၖၐ္ဋး ယဒျသ္မာဘိး ပရသ္ပရံ ပြေမ ကြိယတေ တရှီၑွရော 'သ္မန္မဓျေ တိၐ္ဌတိ တသျ ပြေမ စာသ္မာသု သေတ္သျတေ၊ अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavEdaH| Sanskrit Bible (NT) in Cologne Script12 IzvaraH kadAca kEnApi na dRSTaH yadyasmAbhiH parasparaM prEma kriyatE tarhIzvarO 'smanmadhyE tiSThati tasya prEma cAsmAsu sEtsyatE| अध्यायं द्रष्टव्यम्સત્યવેદઃ। Sanskrit Bible (NT) in Gujarati Script12 ઈશ્વરઃ કદાચ કેનાપિ ન દૃષ્ટઃ યદ્યસ્માભિઃ પરસ્પરં પ્રેમ ક્રિયતે તર્હીશ્વરો ઽસ્મન્મધ્યે તિષ્ઠતિ તસ્ય પ્રેમ ચાસ્માસુ સેત્સ્યતે| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavedaH| Sanskrit Bible (NT) in Harvard-Kyoto Script12 IzvaraH kadAca kenApi na dRSTaH yadyasmAbhiH parasparaM prema kriyate tarhIzvaro 'smanmadhye tiSThati tasya prema cAsmAsu setsyate| अध्यायं द्रष्टव्यम् |