1 तीमुथियुस 1:4 - သတျဝေဒး၊ Sanskrit Bible (NT) in Burmese Script4 ဣတိ ကာံၑ္စိတ် လောကာန် ယဒ် ဥပဒိၑေရေတတ် မယာဒိၐ္ဋော'ဘဝး, ယတး သရွွဲရေတဲ ရွိၑွာသယုက္တေၑွရီယနိၐ္ဌာ န ဇာယတေ ကိန္တု ဝိဝါဒေါ ဇာယတေ၊ अध्यायं द्रष्टव्यम्अधिकानि संस्करणानिसत्यवेदः। Sanskrit NT in Devanagari4 इति कांश्चित् लोकान् यद् उपदिशेरेतत् मयादिष्टोऽभवः, यतः सर्व्वैरेतै र्विश्वासयुक्तेश्वरीयनिष्ठा न जायते किन्तु विवादो जायते। अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যৱেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Assamese Script4 ইতি কাংশ্চিৎ লোকান্ যদ্ উপদিশেৰেতৎ মযাদিষ্টোঽভৱঃ, যতঃ সৰ্ৱ্ৱৈৰেতৈ ৰ্ৱিশ্ৱাসযুক্তেশ্ৱৰীযনিষ্ঠা ন জাযতে কিন্তু ৱিৱাদো জাযতে| अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যবেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Bengali Script4 ইতি কাংশ্চিৎ লোকান্ যদ্ উপদিশেরেতৎ মযাদিষ্টোঽভৱঃ, যতঃ সর্ৱ্ৱৈরেতৈ র্ৱিশ্ৱাসযুক্তেশ্ৱরীযনিষ্ঠা ন জাযতে কিন্তু ৱিৱাদো জাযতে| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavEdaH| Sanskrit Bible (NT) in Cologne Script4 iti kAMzcit lOkAn yad upadizErEtat mayAdiSTO'bhavaH, yataH sarvvairEtai rvizvAsayuktEzvarIyaniSThA na jAyatE kintu vivAdO jAyatE| अध्यायं द्रष्टव्यम्સત્યવેદઃ। Sanskrit Bible (NT) in Gujarati Script4 ઇતિ કાંશ્ચિત્ લોકાન્ યદ્ ઉપદિશેરેતત્ મયાદિષ્ટોઽભવઃ, યતઃ સર્વ્વૈરેતૈ ર્વિશ્વાસયુક્તેશ્વરીયનિષ્ઠા ન જાયતે કિન્તુ વિવાદો જાયતે| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavedaH| Sanskrit Bible (NT) in Harvard-Kyoto Script4 iti kAMzcit lokAn yad upadizeretat mayAdiSTo'bhavaH, yataH sarvvairetai rvizvAsayuktezvarIyaniSThA na jAyate kintu vivAdo jAyate| अध्यायं द्रष्टव्यम् |