प्रकाशितवाक्य 5:14 - သတျဝေဒး၊ Sanskrit Bible (NT) in Burmese Script14 အပရံ တေ စတွာရး ပြာဏိနး ကထိတဝန္တသ္တထာသ္တု, တတၑ္စတုရွိံၑတိပြာစီနာ အပိ ပြဏိပတျ တမ် အနန္တကာလဇီဝိနံ ပြာဏမန်၊ अध्यायं द्रष्टव्यम्अधिकानि संस्करणानिसत्यवेदः। Sanskrit NT in Devanagari14 अपरं ते चत्वारः प्राणिनः कथितवन्तस्तथास्तु, ततश्चतुर्विंशतिप्राचीना अपि प्रणिपत्य तम् अनन्तकालजीविनं प्राणमन्। अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যৱেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Assamese Script14 অপৰং তে চৎৱাৰঃ প্ৰাণিনঃ কথিতৱন্তস্তথাস্তু, ততশ্চতুৰ্ৱিংশতিপ্ৰাচীনা অপি প্ৰণিপত্য তম্ অনন্তকালজীৱিনং প্ৰাণমন্| अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যবেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Bengali Script14 অপরং তে চৎৱারঃ প্রাণিনঃ কথিতৱন্তস্তথাস্তু, ততশ্চতুর্ৱিংশতিপ্রাচীনা অপি প্রণিপত্য তম্ অনন্তকালজীৱিনং প্রাণমন্| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavEdaH| Sanskrit Bible (NT) in Cologne Script14 aparaM tE catvAraH prANinaH kathitavantastathAstu, tatazcaturviMzatiprAcInA api praNipatya tam anantakAlajIvinaM prANaman| अध्यायं द्रष्टव्यम्સત્યવેદઃ। Sanskrit Bible (NT) in Gujarati Script14 અપરં તે ચત્વારઃ પ્રાણિનઃ કથિતવન્તસ્તથાસ્તુ, તતશ્ચતુર્વિંશતિપ્રાચીના અપિ પ્રણિપત્ય તમ્ અનન્તકાલજીવિનં પ્રાણમન્| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavedaH| Sanskrit Bible (NT) in Harvard-Kyoto Script14 aparaM te catvAraH prANinaH kathitavantastathAstu, tatazcaturviMzatiprAcInA api praNipatya tam anantakAlajIvinaM prANaman| अध्यायं द्रष्टव्यम् |