प्रकाशितवाक्य 3:17 - သတျဝေဒး၊ Sanskrit Bible (NT) in Burmese Script17 အဟံ ဓနီ သမၖဒ္ဓၑ္စာသ္မိ မမ ကသျာပျဘာဝေါ န ဘဝတီတိ တွံ ဝဒသိ ကိန္တု တွမေဝ ဒုးခါရ္တ္တော ဒုရ္ဂတော ဒရိဒြော 'န္ဓော နဂ္နၑ္စာသိ တတ် တွယာ နာဝဂမျတေ၊ अध्यायं द्रष्टव्यम्अधिकानि संस्करणानिसत्यवेदः। Sanskrit NT in Devanagari17 अहं धनी समृद्धश्चास्मि मम कस्याप्यभावो न भवतीति त्वं वदसि किन्तु त्वमेव दुःखार्त्तो दुर्गतो दरिद्रो ऽन्धो नग्नश्चासि तत् त्वया नावगम्यते। अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যৱেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Assamese Script17 অহং ধনী সমৃদ্ধশ্চাস্মি মম কস্যাপ্যভাৱো ন ভৱতীতি ৎৱং ৱদসি কিন্তু ৎৱমেৱ দুঃখাৰ্ত্তো দুৰ্গতো দৰিদ্ৰো ঽন্ধো নগ্নশ্চাসি তৎ ৎৱযা নাৱগম্যতে| अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যবেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Bengali Script17 অহং ধনী সমৃদ্ধশ্চাস্মি মম কস্যাপ্যভাৱো ন ভৱতীতি ৎৱং ৱদসি কিন্তু ৎৱমেৱ দুঃখার্ত্তো দুর্গতো দরিদ্রো ঽন্ধো নগ্নশ্চাসি তৎ ৎৱযা নাৱগম্যতে| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavEdaH| Sanskrit Bible (NT) in Cologne Script17 ahaM dhanI samRddhazcAsmi mama kasyApyabhAvO na bhavatIti tvaM vadasi kintu tvamEva duHkhArttO durgatO daridrO 'ndhO nagnazcAsi tat tvayA nAvagamyatE| अध्यायं द्रष्टव्यम्સત્યવેદઃ। Sanskrit Bible (NT) in Gujarati Script17 અહં ધની સમૃદ્ધશ્ચાસ્મિ મમ કસ્યાપ્યભાવો ન ભવતીતિ ત્વં વદસિ કિન્તુ ત્વમેવ દુઃખાર્ત્તો દુર્ગતો દરિદ્રો ઽન્ધો નગ્નશ્ચાસિ તત્ ત્વયા નાવગમ્યતે| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavedaH| Sanskrit Bible (NT) in Harvard-Kyoto Script17 ahaM dhanI samRddhazcAsmi mama kasyApyabhAvo na bhavatIti tvaM vadasi kintu tvameva duHkhArtto durgato daridro 'ndho nagnazcAsi tat tvayA nAvagamyate| अध्यायं द्रष्टव्यम् |