मत्ती 26:61 - သတျဝေဒး၊ Sanskrit Bible (NT) in Burmese Script61 ၑေၐေ ဒွေါ် မၖၐာသာက္ၐိဏာဝါဂတျ ဇဂဒတုး, ပုမာနယမကထယတ်, အဟမီၑွရမန္ဒိရံ ဘံက္တွာ ဒိနတြယမဓျေ တန္နိရ္မ္မာတုံ ၑက္နောမိ၊ अध्यायं द्रष्टव्यम्अधिकानि संस्करणानिसत्यवेदः। Sanskrit NT in Devanagari61 शेषे द्वौ मृषासाक्षिणावागत्य जगदतुः, पुमानयमकथयत्, अहमीश्वरमन्दिरं भंक्त्वा दिनत्रयमध्ये तन्निर्म्मातुं शक्नोमि। अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যৱেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Assamese Script61 শেষে দ্ৱৌ মৃষাসাক্ষিণাৱাগত্য জগদতুঃ, পুমানযমকথযৎ, অহমীশ্ৱৰমন্দিৰং ভংক্ত্ৱা দিনত্ৰযমধ্যে তন্নিৰ্ম্মাতুং শক্নোমি| अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যবেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Bengali Script61 শেষে দ্ৱৌ মৃষাসাক্ষিণাৱাগত্য জগদতুঃ, পুমানযমকথযৎ, অহমীশ্ৱরমন্দিরং ভংক্ত্ৱা দিনত্রযমধ্যে তন্নির্ম্মাতুং শক্নোমি| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavEdaH| Sanskrit Bible (NT) in Cologne Script61 zESE dvau mRSAsAkSiNAvAgatya jagadatuH, pumAnayamakathayat, ahamIzvaramandiraM bhaMktvA dinatrayamadhyE tannirmmAtuM zaknOmi| अध्यायं द्रष्टव्यम्સત્યવેદઃ। Sanskrit Bible (NT) in Gujarati Script61 શેષે દ્વૌ મૃષાસાક્ષિણાવાગત્ય જગદતુઃ, પુમાનયમકથયત્, અહમીશ્વરમન્દિરં ભંક્ત્વા દિનત્રયમધ્યે તન્નિર્મ્માતું શક્નોમિ| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavedaH| Sanskrit Bible (NT) in Harvard-Kyoto Script61 zeSe dvau mRSAsAkSiNAvAgatya jagadatuH, pumAnayamakathayat, ahamIzvaramandiraM bhaMktvA dinatrayamadhye tannirmmAtuM zaknomi| अध्यायं द्रष्टव्यम् |