मत्ती 10:11 - သတျဝေဒး၊ Sanskrit Bible (NT) in Burmese Script11 အပရံ ယူယံ ယတ် ပုရံ ယဉ္စ ဂြာမံ ပြဝိၑထ, တတြ ယော ဇနော ယောဂျပါတြံ တမဝဂတျ ယာနကာလံ ယာဝတ် တတြ တိၐ္ဌတ၊ अध्यायं द्रष्टव्यम्अधिकानि संस्करणानिसत्यवेदः। Sanskrit NT in Devanagari11 अपरं यूयं यत् पुरं यञ्च ग्रामं प्रविशथ, तत्र यो जनो योग्यपात्रं तमवगत्य यानकालं यावत् तत्र तिष्ठत। अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যৱেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Assamese Script11 অপৰং যূযং যৎ পুৰং যঞ্চ গ্ৰামং প্ৰৱিশথ, তত্ৰ যো জনো যোগ্যপাত্ৰং তমৱগত্য যানকালং যাৱৎ তত্ৰ তিষ্ঠত| अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যবেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Bengali Script11 অপরং যূযং যৎ পুরং যঞ্চ গ্রামং প্রৱিশথ, তত্র যো জনো যোগ্যপাত্রং তমৱগত্য যানকালং যাৱৎ তত্র তিষ্ঠত| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavEdaH| Sanskrit Bible (NT) in Cologne Script11 aparaM yUyaM yat puraM yanjca grAmaM pravizatha, tatra yO janO yOgyapAtraM tamavagatya yAnakAlaM yAvat tatra tiSThata| अध्यायं द्रष्टव्यम्સત્યવેદઃ। Sanskrit Bible (NT) in Gujarati Script11 અપરં યૂયં યત્ પુરં યઞ્ચ ગ્રામં પ્રવિશથ, તત્ર યો જનો યોગ્યપાત્રં તમવગત્ય યાનકાલં યાવત્ તત્ર તિષ્ઠત| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavedaH| Sanskrit Bible (NT) in Harvard-Kyoto Script11 aparaM yUyaM yat puraM yaJca grAmaM pravizatha, tatra yo jano yogyapAtraM tamavagatya yAnakAlaM yAvat tatra tiSThata| अध्यायं द्रष्टव्यम् |