योहन 6:64 - သတျဝေဒး၊ Sanskrit Bible (NT) in Burmese Script64 ကိန္တု ယုၐ္မာကံ မဓျေ ကေစန အဝိၑွာသိနး သန္တိ ကေ ကေ န ဝိၑွသန္တိ ကော ဝါ တံ ပရကရေၐု သမရ္ပယိၐျတိ တာန် ယီၑုရာပြထမာဒ် ဝေတ္တိ၊ अध्यायं द्रष्टव्यम्अधिकानि संस्करणानिसत्यवेदः। Sanskrit NT in Devanagari64 किन्तु युष्माकं मध्ये केचन अविश्वासिनः सन्ति के के न विश्वसन्ति को वा तं परकरेषु समर्पयिष्यति तान् यीशुराप्रथमाद् वेत्ति। अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যৱেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Assamese Script64 কিন্তু যুষ্মাকং মধ্যে কেচন অৱিশ্ৱাসিনঃ সন্তি কে কে ন ৱিশ্ৱসন্তি কো ৱা তং পৰকৰেষু সমৰ্পযিষ্যতি তান্ যীশুৰাপ্ৰথমাদ্ ৱেত্তি| अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যবেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Bengali Script64 কিন্তু যুষ্মাকং মধ্যে কেচন অৱিশ্ৱাসিনঃ সন্তি কে কে ন ৱিশ্ৱসন্তি কো ৱা তং পরকরেষু সমর্পযিষ্যতি তান্ যীশুরাপ্রথমাদ্ ৱেত্তি| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavEdaH| Sanskrit Bible (NT) in Cologne Script64 kintu yuSmAkaM madhyE kEcana avizvAsinaH santi kE kE na vizvasanti kO vA taM parakarESu samarpayiSyati tAn yIzurAprathamAd vEtti| अध्यायं द्रष्टव्यम्સત્યવેદઃ। Sanskrit Bible (NT) in Gujarati Script64 કિન્તુ યુષ્માકં મધ્યે કેચન અવિશ્વાસિનઃ સન્તિ કે કે ન વિશ્વસન્તિ કો વા તં પરકરેષુ સમર્પયિષ્યતિ તાન્ યીશુરાપ્રથમાદ્ વેત્તિ| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavedaH| Sanskrit Bible (NT) in Harvard-Kyoto Script64 kintu yuSmAkaM madhye kecana avizvAsinaH santi ke ke na vizvasanti ko vA taM parakareSu samarpayiSyati tAn yIzurAprathamAd vetti| अध्यायं द्रष्टव्यम् |