योहन 13:11 - သတျဝေဒး၊ Sanskrit Bible (NT) in Burmese Script11 ယတော ယော ဇနသ္တံ ပရကရေၐု သမရ္ပယိၐျတိ တံ သ ဇ္ဉာတဝါန; အတဧဝ ယူယံ သရွွေ န ပရိၐ္ကၖတာ ဣမာံ ကထာံ ကထိတဝါန်၊ अध्यायं द्रष्टव्यम्अधिकानि संस्करणानिसत्यवेदः। Sanskrit NT in Devanagari11 यतो यो जनस्तं परकरेषु समर्पयिष्यति तं स ज्ञातवान; अतएव यूयं सर्व्वे न परिष्कृता इमां कथां कथितवान्। अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যৱেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Assamese Script11 যতো যো জনস্তং পৰকৰেষু সমৰ্পযিষ্যতি তং স জ্ঞাতৱান; অতএৱ যূযং সৰ্ৱ্ৱে ন পৰিষ্কৃতা ইমাং কথাং কথিতৱান্| अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যবেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Bengali Script11 যতো যো জনস্তং পরকরেষু সমর্পযিষ্যতি তং স জ্ঞাতৱান; অতএৱ যূযং সর্ৱ্ৱে ন পরিষ্কৃতা ইমাং কথাং কথিতৱান্| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavEdaH| Sanskrit Bible (NT) in Cologne Script11 yatO yO janastaM parakarESu samarpayiSyati taM sa jnjAtavAna; ataEva yUyaM sarvvE na pariSkRtA imAM kathAM kathitavAn| अध्यायं द्रष्टव्यम्સત્યવેદઃ। Sanskrit Bible (NT) in Gujarati Script11 યતો યો જનસ્તં પરકરેષુ સમર્પયિષ્યતિ તં સ જ્ઞાતવાન; અતએવ યૂયં સર્વ્વે ન પરિષ્કૃતા ઇમાં કથાં કથિતવાન્| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavedaH| Sanskrit Bible (NT) in Harvard-Kyoto Script11 yato yo janastaM parakareSu samarpayiSyati taM sa jJAtavAna; ataeva yUyaM sarvve na pariSkRtA imAM kathAM kathitavAn| अध्यायं द्रष्टव्यम् |