2 तीमुथियु 4:5 - သတျဝေဒး၊ Sanskrit Bible (NT) in Burmese Script5 ကိန္တု တွံ သရွွဝိၐယေ ပြဗုဒ္ဓေါ ဘဝ ဒုးခဘောဂံ သွီကုရု သုသံဝါဒပြစာရကသျ ကရ္မ္မ သာဓယ နိဇပရိစရျျာံ ပူရ္ဏတွေန ကုရု စ၊ अध्यायं द्रष्टव्यम्अधिकानि संस्करणानिसत्यवेदः। Sanskrit NT in Devanagari5 किन्तु त्वं सर्व्वविषये प्रबुद्धो भव दुःखभोगं स्वीकुरु सुसंवादप्रचारकस्य कर्म्म साधय निजपरिचर्य्यां पूर्णत्वेन कुरु च। अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যৱেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Assamese Script5 কিন্তু ৎৱং সৰ্ৱ্ৱৱিষযে প্ৰবুদ্ধো ভৱ দুঃখভোগং স্ৱীকুৰু সুসংৱাদপ্ৰচাৰকস্য কৰ্ম্ম সাধয নিজপৰিচৰ্য্যাং পূৰ্ণৎৱেন কুৰু চ| अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যবেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Bengali Script5 কিন্তু ৎৱং সর্ৱ্ৱৱিষযে প্রবুদ্ধো ভৱ দুঃখভোগং স্ৱীকুরু সুসংৱাদপ্রচারকস্য কর্ম্ম সাধয নিজপরিচর্য্যাং পূর্ণৎৱেন কুরু চ| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavEdaH| Sanskrit Bible (NT) in Cologne Script5 kintu tvaM sarvvaviSayE prabuddhO bhava duHkhabhOgaM svIkuru susaMvAdapracArakasya karmma sAdhaya nijaparicaryyAM pUrNatvEna kuru ca| अध्यायं द्रष्टव्यम्સત્યવેદઃ। Sanskrit Bible (NT) in Gujarati Script5 કિન્તુ ત્વં સર્વ્વવિષયે પ્રબુદ્ધો ભવ દુઃખભોગં સ્વીકુરુ સુસંવાદપ્રચારકસ્ય કર્મ્મ સાધય નિજપરિચર્ય્યાં પૂર્ણત્વેન કુરુ ચ| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavedaH| Sanskrit Bible (NT) in Harvard-Kyoto Script5 kintu tvaM sarvvaviSaye prabuddho bhava duHkhabhogaM svIkuru susaMvAdapracArakasya karmma sAdhaya nijaparicaryyAM pUrNatvena kuru ca| अध्यायं द्रष्टव्यम् |