मत्ती 26:52 - સત્યવેદઃ। Sanskrit Bible (NT) in Gujarati Script52 તતો યીશુસ્તં જગાદ, ખડ્ગં સ્વસ્થાનેे નિધેહિ યતો યે યે જના અસિં ધારયન્તિ, તએવાસિના વિનશ્યન્તિ| अध्यायं द्रष्टव्यम्अधिकानि संस्करणानिसत्यवेदः। Sanskrit NT in Devanagari52 ततो यीशुस्तं जगाद, खड्गं स्वस्थानेे निधेहि यतो ये ये जना असिं धारयन्ति, तएवासिना विनश्यन्ति। अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যৱেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Assamese Script52 ততো যীশুস্তং জগাদ, খড্গং স্ৱস্থানেे নিধেহি যতো যে যে জনা অসিং ধাৰযন্তি, তএৱাসিনা ৱিনশ্যন্তি| अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যবেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Bengali Script52 ততো যীশুস্তং জগাদ, খড্গং স্ৱস্থানেे নিধেহি যতো যে যে জনা অসিং ধারযন্তি, তএৱাসিনা ৱিনশ্যন্তি| अध्यायं द्रष्टव्यम्သတျဝေဒး၊ Sanskrit Bible (NT) in Burmese Script52 တတော ယီၑုသ္တံ ဇဂါဒ, ခဍ္ဂံ သွသ္ထာနေे နိဓေဟိ ယတော ယေ ယေ ဇနာ အသိံ ဓာရယန္တိ, တဧဝါသိနာ ဝိနၑျန္တိ၊ अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavEdaH| Sanskrit Bible (NT) in Cologne Script52 tatO yIzustaM jagAda, khaPgaM svasthAnEे nidhEhi yatO yE yE janA asiM dhArayanti, taEvAsinA vinazyanti| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavedaH| Sanskrit Bible (NT) in Harvard-Kyoto Script52 tato yIzustaM jagAda, khaDgaM svasthAneे nidhehi yato ye ye janA asiM dhArayanti, taevAsinA vinazyanti| अध्यायं द्रष्टव्यम् |