मत्ती 26:5 - satyavedaH| Sanskrit Bible (NT) in Harvard-Kyoto Script5 kintu tairuktaM mahakAle na dharttavyaH, dhRte prajAnAM kalahena bhavituM zakyate| अध्यायं द्रष्टव्यम्अधिकानि संस्करणानिसत्यवेदः। Sanskrit NT in Devanagari5 किन्तु तैरुक्तं महकाले न धर्त्तव्यः, धृते प्रजानां कलहेन भवितुं शक्यते। अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যৱেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Assamese Script5 কিন্তু তৈৰুক্তং মহকালে ন ধৰ্ত্তৱ্যঃ, ধৃতে প্ৰজানাং কলহেন ভৱিতুং শক্যতে| अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যবেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Bengali Script5 কিন্তু তৈরুক্তং মহকালে ন ধর্ত্তৱ্যঃ, ধৃতে প্রজানাং কলহেন ভৱিতুং শক্যতে| अध्यायं द्रष्टव्यम्သတျဝေဒး၊ Sanskrit Bible (NT) in Burmese Script5 ကိန္တု တဲရုက္တံ မဟကာလေ န ဓရ္တ္တဝျး, ဓၖတေ ပြဇာနာံ ကလဟေန ဘဝိတုံ ၑကျတေ၊ अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavEdaH| Sanskrit Bible (NT) in Cologne Script5 kintu tairuktaM mahakAlE na dharttavyaH, dhRtE prajAnAM kalahEna bhavituM zakyatE| अध्यायं द्रष्टव्यम्સત્યવેદઃ। Sanskrit Bible (NT) in Gujarati Script5 કિન્તુ તૈરુક્તં મહકાલે ન ધર્ત્તવ્યઃ, ધૃતે પ્રજાનાં કલહેન ભવિતું શક્યતે| अध्यायं द्रष्टव्यम् |