रोमियों 11:20 - satyavEdaH| Sanskrit Bible (NT) in Cologne Script20 bhadram, apratyayakAraNAt tE vibhinnA jAtAstathA vizvAsakAraNAt tvaM rOpitO jAtastasmAd ahagkAram akRtvA sasAdhvasO bhava| अध्यायं द्रष्टव्यम्अधिकानि संस्करणानिसत्यवेदः। Sanskrit NT in Devanagari20 भद्रम्, अप्रत्ययकारणात् ते विभिन्ना जातास्तथा विश्वासकारणात् त्वं रोपितो जातस्तस्माद् अहङ्कारम् अकृत्वा ससाध्वसो भव। अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যৱেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Assamese Script20 ভদ্ৰম্, অপ্ৰত্যযকাৰণাৎ তে ৱিভিন্না জাতাস্তথা ৱিশ্ৱাসকাৰণাৎ ৎৱং ৰোপিতো জাতস্তস্মাদ্ অহঙ্কাৰম্ অকৃৎৱা সসাধ্ৱসো ভৱ| अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যবেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Bengali Script20 ভদ্রম্, অপ্রত্যযকারণাৎ তে ৱিভিন্না জাতাস্তথা ৱিশ্ৱাসকারণাৎ ৎৱং রোপিতো জাতস্তস্মাদ্ অহঙ্কারম্ অকৃৎৱা সসাধ্ৱসো ভৱ| अध्यायं द्रष्टव्यम्သတျဝေဒး၊ Sanskrit Bible (NT) in Burmese Script20 ဘဒြမ်, အပြတျယကာရဏာတ် တေ ဝိဘိန္နာ ဇာတာသ္တထာ ဝိၑွာသကာရဏာတ် တွံ ရောပိတော ဇာတသ္တသ္မာဒ် အဟင်္ကာရမ် အကၖတွာ သသာဓွသော ဘဝ၊ अध्यायं द्रष्टव्यम्સત્યવેદઃ। Sanskrit Bible (NT) in Gujarati Script20 ભદ્રમ્, અપ્રત્યયકારણાત્ તે વિભિન્ના જાતાસ્તથા વિશ્વાસકારણાત્ ત્વં રોપિતો જાતસ્તસ્માદ્ અહઙ્કારમ્ અકૃત્વા સસાધ્વસો ભવ| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavedaH| Sanskrit Bible (NT) in Harvard-Kyoto Script20 bhadram, apratyayakAraNAt te vibhinnA jAtAstathA vizvAsakAraNAt tvaM ropito jAtastasmAd ahaGkAram akRtvA sasAdhvaso bhava| अध्यायं द्रष्टव्यम् |