13 एसे परमातिमा के दीन सगले आत्मिक हँथिआरन काहीं बाँधि ल्या, कि जउने तूँ पंचे बुरे दिनन माहीं ओखर सामना कइ सका, अउर सगली लड़ाई पूर कइके, बिसुआस माहीं अटल रहि सका।