मत्ती 26:41 - သတျဝေဒး၊ Sanskrit Bible (NT) in Burmese Script41 ပရီက္ၐာယာံ န ပတိတုံ ဇာဂၖတ ပြာရ္ထယဓွဉ္စ; အာတ္မာ သမုဒျတောသ္တိ, ကိန္တု ဝပု ရ္ဒုရ္ဗ္ဗလံ၊ अध्यायं द्रष्टव्यम्अधिकानि संस्करणानिसत्यवेदः। Sanskrit NT in Devanagari41 परीक्षायां न पतितुं जागृत प्रार्थयध्वञ्च; आत्मा समुद्यतोस्ति, किन्तु वपु र्दुर्ब्बलं। अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যৱেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Assamese Script41 পৰীক্ষাযাং ন পতিতুং জাগৃত প্ৰাৰ্থযধ্ৱঞ্চ; আত্মা সমুদ্যতোস্তি, কিন্তু ৱপু ৰ্দুৰ্ব্বলং| अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যবেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Bengali Script41 পরীক্ষাযাং ন পতিতুং জাগৃত প্রার্থযধ্ৱঞ্চ; আত্মা সমুদ্যতোস্তি, কিন্তু ৱপু র্দুর্ব্বলং| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavEdaH| Sanskrit Bible (NT) in Cologne Script41 parIkSAyAM na patituM jAgRta prArthayadhvanjca; AtmA samudyatOsti, kintu vapu rdurbbalaM| अध्यायं द्रष्टव्यम्સત્યવેદઃ। Sanskrit Bible (NT) in Gujarati Script41 પરીક્ષાયાં ન પતિતું જાગૃત પ્રાર્થયધ્વઞ્ચ; આત્મા સમુદ્યતોસ્તિ, કિન્તુ વપુ ર્દુર્બ્બલં| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavedaH| Sanskrit Bible (NT) in Harvard-Kyoto Script41 parIkSAyAM na patituM jAgRta prArthayadhvaJca; AtmA samudyatosti, kintu vapu rdurbbalaM| अध्यायं द्रष्टव्यम् |