मत्ती 12:45 - သတျဝေဒး၊ Sanskrit Bible (NT) in Burmese Script45 တတသ္တေ တတ် သ္ထာနံ ပြဝိၑျ နိဝသန္တိ, တေန တသျ မနုဇသျ ၑေၐဒၑာ ပူရွွဒၑာတောတီဝါၑုဘာ ဘဝတိ, ဧတေၐာံ ဒုၐ္ဋဝံၑျာနာမပိ တထဲဝ ဃဋိၐျတေ၊ अध्यायं द्रष्टव्यम्अधिकानि संस्करणानिसत्यवेदः। Sanskrit NT in Devanagari45 ततस्ते तत् स्थानं प्रविश्य निवसन्ति, तेन तस्य मनुजस्य शेषदशा पूर्व्वदशातोतीवाशुभा भवति, एतेषां दुष्टवंश्यानामपि तथैव घटिष्यते। अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যৱেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Assamese Script45 ততস্তে তৎ স্থানং প্ৰৱিশ্য নিৱসন্তি, তেন তস্য মনুজস্য শেষদশা পূৰ্ৱ্ৱদশাতোতীৱাশুভা ভৱতি, এতেষাং দুষ্টৱংশ্যানামপি তথৈৱ ঘটিষ্যতে| अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যবেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Bengali Script45 ততস্তে তৎ স্থানং প্রৱিশ্য নিৱসন্তি, তেন তস্য মনুজস্য শেষদশা পূর্ৱ্ৱদশাতোতীৱাশুভা ভৱতি, এতেষাং দুষ্টৱংশ্যানামপি তথৈৱ ঘটিষ্যতে| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavEdaH| Sanskrit Bible (NT) in Cologne Script45 tatastE tat sthAnaM pravizya nivasanti, tEna tasya manujasya zESadazA pUrvvadazAtOtIvAzubhA bhavati, EtESAM duSTavaMzyAnAmapi tathaiva ghaTiSyatE| अध्यायं द्रष्टव्यम्સત્યવેદઃ। Sanskrit Bible (NT) in Gujarati Script45 તતસ્તે તત્ સ્થાનં પ્રવિશ્ય નિવસન્તિ, તેન તસ્ય મનુજસ્ય શેષદશા પૂર્વ્વદશાતોતીવાશુભા ભવતિ, એતેષાં દુષ્ટવંશ્યાનામપિ તથૈવ ઘટિષ્યતે| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavedaH| Sanskrit Bible (NT) in Harvard-Kyoto Script45 tataste tat sthAnaM pravizya nivasanti, tena tasya manujasya zeSadazA pUrvvadazAtotIvAzubhA bhavati, eteSAM duSTavaMzyAnAmapi tathaiva ghaTiSyate| अध्यायं द्रष्टव्यम् |