योहन 17:20 - သတျဝေဒး၊ Sanskrit Bible (NT) in Burmese Script20 ကေဝလံ ဧတေၐာမရ္ထေ ပြာရ္ထယေ'ဟမ် ဣတိ န ကိန္တွေတေၐာမုပဒေၑေန ယေ ဇနာ မယိ ဝိၑွသိၐျန္တိ တေၐာမပျရ္ထေ ပြာရ္ထေယေ'ဟမ်၊ अध्यायं द्रष्टव्यम्अधिकानि संस्करणानिसत्यवेदः। Sanskrit NT in Devanagari20 केवलं एतेषामर्थे प्रार्थयेऽहम् इति न किन्त्वेतेषामुपदेशेन ये जना मयि विश्वसिष्यन्ति तेषामप्यर्थे प्रार्थेयेऽहम्। अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যৱেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Assamese Script20 কেৱলং এতেষামৰ্থে প্ৰাৰ্থযেঽহম্ ইতি ন কিন্ত্ৱেতেষামুপদেশেন যে জনা মযি ৱিশ্ৱসিষ্যন্তি তেষামপ্যৰ্থে প্ৰাৰ্থেযেঽহম্| अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যবেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Bengali Script20 কেৱলং এতেষামর্থে প্রার্থযেঽহম্ ইতি ন কিন্ত্ৱেতেষামুপদেশেন যে জনা মযি ৱিশ্ৱসিষ্যন্তি তেষামপ্যর্থে প্রার্থেযেঽহম্| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavEdaH| Sanskrit Bible (NT) in Cologne Script20 kEvalaM EtESAmarthE prArthayE'ham iti na kintvEtESAmupadEzEna yE janA mayi vizvasiSyanti tESAmapyarthE prArthEyE'ham| अध्यायं द्रष्टव्यम्સત્યવેદઃ। Sanskrit Bible (NT) in Gujarati Script20 કેવલં એતેષામર્થે પ્રાર્થયેઽહમ્ ઇતિ ન કિન્ત્વેતેષામુપદેશેન યે જના મયિ વિશ્વસિષ્યન્તિ તેષામપ્યર્થે પ્રાર્થેયેઽહમ્| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavedaH| Sanskrit Bible (NT) in Harvard-Kyoto Script20 kevalaM eteSAmarthe prArthaye'ham iti na kintveteSAmupadezena ye janA mayi vizvasiSyanti teSAmapyarthe prArtheye'ham| अध्यायं द्रष्टव्यम् |