योहन 20:31 - সত্যৱেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Assamese Script31 কিন্তু যীশুৰীশ্ৱৰস্যাভিষিক্তঃ সুত এৱেতি যথা যূযং ৱিশ্ৱসিথ ৱিশ্ৱস্য চ তস্য নাম্না পৰমাযুঃ প্ৰাপ্নুথ তদৰ্থম্ এতানি সৰ্ৱ্ৱাণ্যলিখ্যন্ত| अध्यायं द्रष्टव्यम्अधिकानि संस्करणानिसत्यवेदः। Sanskrit NT in Devanagari31 किन्तु यीशुरीश्वरस्याभिषिक्तः सुत एवेति यथा यूयं विश्वसिथ विश्वस्य च तस्य नाम्ना परमायुः प्राप्नुथ तदर्थम् एतानि सर्व्वाण्यलिख्यन्त। अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যবেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Bengali Script31 কিন্তু যীশুরীশ্ৱরস্যাভিষিক্তঃ সুত এৱেতি যথা যূযং ৱিশ্ৱসিথ ৱিশ্ৱস্য চ তস্য নাম্না পরমাযুঃ প্রাপ্নুথ তদর্থম্ এতানি সর্ৱ্ৱাণ্যলিখ্যন্ত| अध्यायं द्रष्टव्यम्သတျဝေဒး၊ Sanskrit Bible (NT) in Burmese Script31 ကိန္တု ယီၑုရီၑွရသျာဘိၐိက္တး သုတ ဧဝေတိ ယထာ ယူယံ ဝိၑွသိထ ဝိၑွသျ စ တသျ နာမ္နာ ပရမာယုး ပြာပ္နုထ တဒရ္ထမ် ဧတာနိ သရွွာဏျလိချန္တ၊ अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavEdaH| Sanskrit Bible (NT) in Cologne Script31 kintu yIzurIzvarasyAbhiSiktaH suta EvEti yathA yUyaM vizvasitha vizvasya ca tasya nAmnA paramAyuH prApnutha tadartham EtAni sarvvANyalikhyanta| अध्यायं द्रष्टव्यम्સત્યવેદઃ। Sanskrit Bible (NT) in Gujarati Script31 કિન્તુ યીશુરીશ્વરસ્યાભિષિક્તઃ સુત એવેતિ યથા યૂયં વિશ્વસિથ વિશ્વસ્ય ચ તસ્ય નામ્ના પરમાયુઃ પ્રાપ્નુથ તદર્થમ્ એતાનિ સર્વ્વાણ્યલિખ્યન્ત| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavedaH| Sanskrit Bible (NT) in Harvard-Kyoto Script31 kintu yIzurIzvarasyAbhiSiktaH suta eveti yathA yUyaM vizvasitha vizvasya ca tasya nAmnA paramAyuH prApnutha tadartham etAni sarvvANyalikhyanta| अध्यायं द्रष्टव्यम् |