प्रकाशितवाक्य 4:2 - सत्यवेदः। Sanskrit NT in Devanagari2 तेनाहं तत्क्षणाद् आत्माविष्टो भूत्वा ऽपश्यं स्वर्गे सिंहासनमेकं स्थापितं तत्र सिंहासने एको जन उपविष्टो ऽस्ति। अध्यायं द्रष्टव्यम्अधिकानि संस्करणानिসত্যৱেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Assamese Script2 তেনাহং তৎক্ষণাদ্ আত্মাৱিষ্টো ভূৎৱা ঽপশ্যং স্ৱৰ্গে সিংহাসনমেকং স্থাপিতং তত্ৰ সিংহাসনে একো জন উপৱিষ্টো ঽস্তি| अध्यायं द्रष्टव्यम्সত্যবেদঃ। Sanskrit Bible (NT) in Bengali Script2 তেনাহং তৎক্ষণাদ্ আত্মাৱিষ্টো ভূৎৱা ঽপশ্যং স্ৱর্গে সিংহাসনমেকং স্থাপিতং তত্র সিংহাসনে একো জন উপৱিষ্টো ঽস্তি| अध्यायं द्रष्टव्यम्သတျဝေဒး၊ Sanskrit Bible (NT) in Burmese Script2 တေနာဟံ တတ္က္ၐဏာဒ် အာတ္မာဝိၐ္ဋော ဘူတွာ 'ပၑျံ သွရ္ဂေ သိံဟာသနမေကံ သ္ထာပိတံ တတြ သိံဟာသနေ ဧကော ဇန ဥပဝိၐ္ဋော 'သ္တိ၊ अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavEdaH| Sanskrit Bible (NT) in Cologne Script2 tEnAhaM tatkSaNAd AtmAviSTO bhUtvA 'pazyaM svargE siMhAsanamEkaM sthApitaM tatra siMhAsanE EkO jana upaviSTO 'sti| अध्यायं द्रष्टव्यम्સત્યવેદઃ। Sanskrit Bible (NT) in Gujarati Script2 તેનાહં તત્ક્ષણાદ્ આત્માવિષ્ટો ભૂત્વા ઽપશ્યં સ્વર્ગે સિંહાસનમેકં સ્થાપિતં તત્ર સિંહાસને એકો જન ઉપવિષ્ટો ઽસ્તિ| अध्यायं द्रष्टव्यम्satyavedaH| Sanskrit Bible (NT) in Harvard-Kyoto Script2 tenAhaM tatkSaNAd AtmAviSTo bhUtvA 'pazyaM svarge siMhAsanamekaM sthApitaM tatra siMhAsane eko jana upaviSTo 'sti| अध्यायं द्रष्टव्यम् |