26 जब में तुम्हर रोटी आय के जरिया ला बंद कर देवंव, तब दस माईलोगनमन एक ठन चूल्हा म रोटी बनाहीं, अऊ ओमन तुमन ला तऊलके थोर-थोर रोटी दीहीं। तुमन खाहू, पर तुम्हर पेट नइं भरही।