20 “गत म येला झन बतावव, अस्कलोन के गलीमन म येकर घोसना झन करव, अइसन झन होवय कि पलिस्तीमन के माईलोगनमन खुस होवंय, अइसन झन होवय कि खतनारहित मनखेमन के माईलोगनमन आनंद मनावंय।