Baibulo la pa intaneti

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फ़िलिप्पियों 1:18 - किताब-ए मुक़द्दस

18 लेकिन इससे क्या फ़रक़ पड़ता है! अहम बात तो यह है कि मसीह की मुनादी हर तरह से की जा रही है, ख़ाह मुनाद की नीयत पुरख़ुलूस हो या न। और इस वजह से मैं ख़ुश हूँ। और ख़ुश रहूँगा भी,

Onani mutuwo Koperani

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 2019

18 पस क्या हुआ? सिर्फ़ ये की हर तरह से मसीह की मनादी होती है, चाहे बहाने से हो चाहे सच्चाई से, और इस से मैं ख़ुश हूँ और रहूँगा भी।

Onani mutuwo Koperani

उर्दू हमअस्र तरजुमा

18 पस क्या हुआ? उन की नीयत बुरी हो या नेक, अलमसीह की ख़ुशख़बरी तो सुनाई जाती है। मैं इसी बात से ख़ुश हूं। हां, और मैं ख़ुश रहूंगा।

Onani mutuwo Koperani




फ़िलिप्पियों 1:18

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