18 दंङ छि शुई? सिर्फ दिह, कि भत्ते पाहठी रंङ चाहे मांजी इरादारंङ साते चाहे सच्चाई रंङ साते, मसीहू पाहठी रूठे खबर सुनाएच़ा तोर, दंङ गेह दिरंङ खुश तोतोग, दंङ खुश बंङज़ोग लाह।