12 हे बिसुआसी भाई-बहिनिव, हम चाहित हएन, कि तूँ पंचे इआ जानिल्या, कि जउन हमरे ऊपर बीता हय, ओसे खुसी के खबर के बढ़ोत्तरिन भे ही।