ए चिट्ठी कर बारे में दम अकन गोएठ
पौलुस हर जेहल में रहीस, ते घनी ए किताब ला लिखीस। ए किताब में मईनसे मन ला अपन जिनगी कर कोनोच हालत में, आनंद अऊ खुस रहे बर बार-बार सीखाथे। जेकस पौलुस कर जिनगी में सताव आईस, ओही कस हमरो जिनगी में सताव आए सकत हवे। ओहू घरी हमके मन ला धीरज धएर के खुस रहे बर हवे।
ए किताब कर सुरू में पौलुस हर फिलीपी कलीसिया कर बिस्वासी मन ला धनबाद देहत हवे, जेमन ओकर दुख कर घरी में मदेत करे रहीन। ओही कस हमू मन अपन संगी बिस्वासी मन कर जरूरत कर घरी में ओमन कर मदेत करे बर चाही। ए चिट्ठी में पौलुस सुरता करवाथे कि सब बिस्वासी मन आपस में मेल-जोल कर संगे रहें अऊ जेकस ईसू मसीह कर सोंच हवे ओही कस हमरो सोंच होए जाए।
ए किताब में परमेस्वर हर हमके मन ला भरोसा देथे कि “मसीह ईसू हर तुमन बर मरीस हवे, एकरले ओहर अपन असीम धन कर अनुसार तुमन कर हर एक जरूरत ला पूरा करही।” परमेस्वर हमके ला सुरता देवाथे कि कोनो बात कर चिंता झईन करीहा, बकिन सब बात में परमेस्वर कर धनबाद देहत रईहा। ए किताब ला पढ़े ले हमके ला ए सिक्छा मिलथे, कि सब बात में परेरीत पौलुस नियर संतोस करे बर चाही, काबरकि जेकस पौलुस हर बिस्वास करथे, ओही कस हमू मन के बिस्वास करे बर चाही कि “जे मसीह हर मोके सामर्थ देथे, ओमे मंए सब जाएत कएर सकथों।”
ए चिट्ठी ला खालहे लिखल भाग में बांटल गईस हवे
पौलुस कर जोहार अऊ पराथना 1:1-11
जिनगी कर बारे में पौलुस कस सोंच 1:12-30
नरम सुभाव कर नमूना मसीह लागे 2:1-18
पौलुस कर संगता मन कर खभेर 2:19-30
कईसन परमेस्वर ला फुरमा कएर सकीहा 3:1—4:9
पौलुस कर धनबाद 4:10-20
आखरी जोहार 4:21-23