किताबके परिचय
यि चिठी पावल युरोपके फिलिप्पी सहरमे भेल पहिन्का मन्डलीके लिखने छेलै। फिलिप्पी माकेडोनिया कहैबला रोमी परान्तके एकटा सहर छेलै। यि चिठी पावल लगभग इस्वी सम्बत ६२-६३ मे रोमसे लिखने छेलै ओइ बखत उ कैदमे परल छेलै आ कतहेक खिरिस्टीयनसब ओकरा बिरोध कैरके दुखी बनाइने छेलै। ओइ बखत फिलिप्पीके मन्डलीमे झुठा सिक्छाके परचार हैछेलै। ओहैसे उ हैरान भेल छेलै। महज जे हेबे, यि चिठीसे खुसी आ बिस्बासके जगाइने छेलै यि पावलके अटुट बिस्बासके कारन भेल छेलै।
यि चिठी लिखैके मुख्य कारन फिलिप्पीके खिरिस्टीयनसबके धन्यबाद दैके छेलै। उसब पावलके खाँचो परल बखत भेटीसब पठाइने छेलै। अहै मौकामे उ आपनमे आ ओकरासबमे एल दुखके घरिमे साहस आ भरोसा दैकेलेल यि चिठी लिखल्कै। उसब आपन स्वारथ अभिलासा आ घमन्डमे जियैसे बरु येसुके नम्र आनि-बानी सिखे कैहके अरती दैछै। खिरिस्टमे भेल ओइसबके जिबन परमेस्वरके बरदान चियै। यि उसब यहुदी बेबस्थाके पाबैनसब मानैके कारनसे नै महज उसब बिस्बाससे मिलल चियै कैहके उ ओइसबके सम्झना कराबैछै। खिरिस्टमे भ्याके जियैबलासबके परमेस्वरसे मिलैबला खुसी आ सान्तीके बिसयमे उ लिखैछै।
यि चिठी खिरिस्टीयन बिस्बास आ जिबनमे पाबैबला खुसी, भरोसा, एकता आ काममे एकटक बनैके बातमे जोर दैके कारनसे यि चिठी औरो चिठीसे भिन्ने लागैछै। अइमे पावल फिलिप्पीके मन्डलीके कतहेक माया करैछेलै से जाहेर करलगेलछै।
बिसय-सुची
परिचय १:१-११
पावलके आपन परिस्थिती १:१२-२६
खिरिस्टमे भेल जिबन १:२७-२:१८
तिमोथी आ इपाफरोडिटसके लागी योजना २:१९-३०
बिरोधिसबसे आ खतरासबसे जोगैके चेताबनी ३:१-४:९
पावल आ फिलिप्पीके बिस्बासीसब ४:१०-२०
समाप्ती ४:२१-२३