परिचै
फिलिप्पी नगर का बिस्वासी लोगु खुणि पौलुस की या चिठ्ठी खास कैरिके ऊंतैं धन्यवाद देण का बारा मा लिखे गै। अर यू वु बिस्वासी समुदाय च जैकी स्थापना खुद पौलुस न कैरी, अर या चिठ्ठी तब लिखे गै जब पौलुस कैद मा छौं। अर ये बगत मा पौलुस दुसरा भैयों से परेसान छौ, किलैकि ऊ लोगु का बीच मा गळत शिक्षा फैलाणा छा अर पौलुस का खिलाप मा भि बोन्ना छा, अर यों सब बातों की वजै से पौलुस कैद होयां बगत मा भौत परेसान छौ। मगर फिर भि पौलुस की या चिठ्ठी आनन्द अर बिस्वास मा मजबूत होण का बारा मा बतौन्दी।
पौलुस की ईं चिठ्ठी मा उ फिलिप्पी नगर का लोगु तैं धन्यवाद देण का अलावा ऊंका द्वारा भेज्यां उपहार खुणि भि धन्यवाद देन्दु। अर ये बगत मा पौलुस बिस्वासी लोगु तैं इन शिक्षा देन्दु, कि ऊ सब लोग बिस्वास मा मजबूत बणयां रा अब चै कन्दरि भि मुसीबत किलै नि हो। अर पौलुस ऊं से इन बिन्ती करदु कि ऊ दुनियां का लालच मा नि फंसी जा, अर अपणी बातों पर बड़ु मोन नि कैरा, बल्किन मा यीशु मसीह पर पूरु बिस्वास रखी के दीन अर सीदु मनखि बणा। अर ऊंतैं इन भि याद दिलान्दु, कि यीशु मसीह मा ऊंतैं यू दान-बरदान पिता परमेस्वर की तरफा बटि मिल्यूं।