रोमियों 7:9 - उर्दू हमअस्र तरजुमा9 एक वक़्त था के मैं शरीअत के बग़ैर ज़िन्दा था मगर जब हुक्म आया तो गुनाह ज़िन्दा हो गया और मैं मर गया। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20199 एक ज़माने में शरी'अत के बग़ैर मैं ज़िन्दा था, मगर अब हुक्म आया तो गुनाह ज़िन्दा हो गया और मैं मर गया। See the chapterकिताब-ए मुक़द्दस9 एक वक़्त था जब मैं शरीअत के बग़ैर ज़िंदगी गुज़ारता था। लेकिन ज्योंही हुक्म मेरे सामने आया तो गुनाह में जान आ गई See the chapter |