रोमियों 2:15 - उर्दू हमअस्र तरजुमा15 इस तरह वह ये ज़ाहिर करते हैं के शरीअत के अहकाम उन के दिलों पर नक़्श हैं और उन का ज़मीर भी इस बात की गवाही देता है और उन के ख़यालात भी कभी उन पर इल्ज़ाम लगाते हैं, कभी उन्हें बरी ठहराते हैं। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201915 चुनाँचे वो शरी'अत की बातें अपने दिलों पर लिखी हुई दिखाती हैं और उन का दिल भी उन बातों की गवाही देता है और उनके आपसी ख़यालात या तो उन पर इल्ज़ाम लगाते हैं या उन को माज़ूर रखते हैं। See the chapterकिताब-ए मुक़द्दस15 इसमें वह साबित करते हैं कि शरीअत के तक़ाज़े उनके दिल पर लिखे हुए हैं। उनका ज़मीर भी इसकी गवाही देता है, क्योंकि उनके ख़यालात कभी एक दूसरे की मज़म्मत और कभी एक दूसरे का दिफ़ा भी करते हैं। See the chapter |