मुकाशफ़ा 8:3 - उर्दू हमअस्र तरजुमा3 फिर एक और फ़रिश्ता सोने का बख़ूरदान लिये हुए आया और क़ुर्बानगाह के पास खड़ा हो गया। उसे बहुत सा बख़ूर दिया गया ताके वह उसे सब मुक़द्दसीन की दुआओं के साथ तख़्त-ए-इलाही के सामने की सुनहरी क़ुर्बानगाह पर नज़्र करे। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 फिर एक और फ़रिश्ता सोने का 'बखूरदान लिए हुए आया और क़ुर्बानगाह के ऊपर खड़ा हुआ, और उसको बहुत सा 'ऊद दिया गया, ताकि अब मुक़द्दसों की दु'आओं के साथ उस सुनहरी क़ुर्बानगाह पर चढ़ाए जो तख़्त के सामने है। See the chapterकिताब-ए मुक़द्दस3 एक और फ़रिश्ता जिसके पास सोने का बख़ूरदान था आकर क़ुरबानगाह के पास खड़ा हो गया। उसे बहुत-सा बख़ूर दिया गया ताकि वह उसे मुक़द्दसीन की दुआओं के साथ तख़्त के सामने की सोने की क़ुरबानगाह पर पेश करे। See the chapter |