इबरानियों 2:2 - उर्दू हमअस्र तरजुमा2 क्यूंके जो कलाम फ़रिश्तों की मारिफ़त सुनाया गया था जब वह क़ाइम रहा और उस की हर ख़ता और नाफ़रमानी की मुनासिब सज़ा मिली, See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 क्यूँकि जो कलाम फ़रिश्तों के ज़रिए फ़रमाया गया था, जब वो क़ाईम रहा और हर क़ुसूर और नाफ़रमानी का ठीक ठीक बदला मिला, See the chapterकिताब-ए मुक़द्दस2 जो कलाम फ़रिश्तों ने इनसान तक पहुँचाया वह तो अनमिट रहा, और जिससे भी कोई ख़ता या नाफ़रमानी हुई उसे उस की मुनासिब सज़ा मिली। See the chapter |