2 तीमु 2:4 - उर्दू हमअस्र तरजुमा4 कोई भी सिपाही मैदाने जंग में ख़ुद को रोज़मर्रा के मुआमलों में नहीं फंसाता क्यूंके वो एक फ़ौजी के नाता अपने भर्ती करने वाले को ख़ुश करना चाहता है। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 कोई सिपाही जब लड़ाई को जाता है अपने आपको दुनिया के मु'आमिलों में नहीं फँसाता ताकि अपने भरती करने वाले को ख़ुश करे। See the chapterकिताब-ए मुक़द्दस4 जिस सिपाही की ड्यूटी है वह आम रिआया के मामलात में फँसने से बाज़ रहता है, क्योंकि वह अपने अफ़सर को पसंद आना चाहता है। See the chapter |