2 कुरि 2:16 - उर्दू हमअस्र तरजुमा16 बाज़ के लिये मौत की बू और बाज़ के लिये ज़िन्दगी की ख़ुश्बू। इस काम के लाइक़ और कौन है? See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201916 कुछ के वास्ते तो मरने के लिए मौत की बू और कुछ के वास्ते जीने के लिए ज़िन्दगी की बू हैं और कौन इन बातों के लायक़ हैं। See the chapterकिताब-ए मुक़द्दस16 बाज़ लोगों के लिए हम मौत की मोहलक बू हैं जबकि बाज़ के लिए हम ज़िंदगीबख़्श ख़ुशबू हैं। तो कौन यह ज़िम्मादारी निभाने के लायक़ है? See the chapter |