1 कुरि 4:7 - उर्दू हमअस्र तरजुमा7 आख़िर कौन है जो तुम में और किसी दूसरों में फ़र्क़ करता है? तुम्हारे पास क्या है जो तुम ने किसी दूसरे से नहीं पाया? और जब तुम ने पाया है तो फिर फ़ख़्र कैसा? क्या वह किसी का दिया हुआ नहीं? See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20197 तुझ में और दूसरे में कौन फ़र्क़ करता है? और तेरे पास कौन सी ऐसी चीज़ है जो तू ने दूसरे से नहीं पाई? और जब तूने दूसरे से पाई तो फ़ख़्र क्यूँ करता है कि गोया नहीं पाई? See the chapterकिताब-ए मुक़द्दस7 क्योंकि कौन आपको किसी दूसरे से अफ़ज़ल क़रार देता है? जो कुछ आपके पास है क्या वह आपको मुफ़्त नहीं मिला? और अगर मुफ़्त मिला तो इस पर शेख़ी क्यों मारते हैं गोया कि आपने उसे अपनी मेहनत से हासिल किया हो? See the chapter |