रोमियों 2:22 - राना थारु नयाँ नियम22 तुम कहात हओ, “व्यभिचार मत् करियओ” का तुम अपनए व्यभिचार नाए करत हओ? मूर्तिके घृणा करन बारे, का तुम अपनए मन्दिरके नाए लुटत हओ? See the chapterपरमेस्वर को सच्चो वचन22 तैं तौ ऐसियौ कहथै, “व्यभिचार मत करियो,” का खुदै व्यभिचार करथै? तैं जो मूर्तियन कै घिनौनाे मानथै, का खुदै मंदिरन कै लूटथै? See the chapter |