कलस्सी 2:18 - राना थारु नयाँ नियम18-19 ख्रीष्ट शरीरको मुण हए, ख्रीष्टके माध्यमसे शरीरके सब अंग जुडे होत हएं और अंगके रेखदेख करत होतहए। जहेमारे जा परमेश्वर इच्छा अनुसार बणत हए, अपनएके अपमान करके और स्वर्गदूतनके आराधना करके कोइके अयोग्य बनान मतदेओ। अइसे आदमी दर्शनमे प्रबेश करत हएं, जौन उनको मानब सोँचके कारण मुरख घमण्डसे भरजात हएं। बे ख्रीष्टमे नाए रहिपात हएं। See the chapterपरमेस्वर को सच्चो वचन18 अपने आपकै कोई ऐसे आदमी के जरिये दोसी ना ठहरान देमैं, जो खास दर्सन के बजह से बड़ो होन को दाबा करथै और जो झूठी विनम्रता और स्वर्गदूतन की उपासना करन मैं जोर देथै। अकारड़ ही, ऐसे लोग अपनी मानवीय सोच से फूले ना समाए रै हैं। See the chapter |