प्रकाश 6:16 - दङ्गौरा थारू16 हुँक्र पर्वत्वा ओ चट्टानह कल, “सिंहासनम विराजमान् रहुइयक सामुन्नेमसे ओ पठ्रूक क्रोधमसे हमन नुकाइक लाग हमारम खस See the chapterदेउखरिया थारु16 ओइने पहाड़नहे और चट्टाननहे कलाँ, “हमार उप्पर गिरो, और सिंहासनमे बैठुइयक नजरसे हम्रिहिन्हे नुकाऊ। ताकि सिंहासनमे बैठुइया हम्रिहिन्हे देखे ना सेकिँत, और पठ्वा हम्रिहिन्हे दण्ड देहे नै सेक्हीँ। See the chapter |