प्रकाश 14:2 - दङ्गौरा थारू2 छाँगक गर्जन ओ बद्रीक गड्याङ-गुडुङ आवाजअस स्वर्गसे एकठो बराभारी आवाज आइल मै सुन्नु। उ आवाज त वीणा बजुइयन धेर वीणा बजाइल अस फे सुन्गैल्। See the chapterदेउखरिया थारु2 और मै स्वर्गमेसे केक्रो आवाज सुन्नु, जोन झरनक गर्जन हस तेज और बद्रि गरगराईल हस जोरसे रहे। जोन आवाज मै सुन्नु, उ आवाज उ ध्वनि हस रहे, जिहिहे मनै अपन तारवाला बाजा बजाईबेर निकरथाँ। See the chapter |