प्रकाश 13:16 - दङ्गौरा थारू16 तब ऊ छुटी ओ बरा, धनी ओ गरीब, कमारा ओ मुक्त सबजहन आपन-आपन दाहिन हाँठम वा लिल्हारिम छाप लगाइक लाग कर लगाइल। See the chapterदेउखरिया थारु16 यी दोसुर दैँतुरवा महत्त्वपूर्ण और महत्त्व नै रहल, धनी और गरिब, गुलाम रहल मनै और गुलाम नै रहल मनै रहिँत। अथवा ऊ सक्कु मनैनहे मजबुर करदेहल कि ओइने सुरुक दैँतुरवक नाउँ अपन दाहिन हाँथेम या अपन लिल्हारीम छपाइँत। See the chapter |