मत्ती 15:2 - दङ्गौरा थारू2 “अप्नक चेलावँ रीत अनुसार हाँठ बिना धुइल खैठ। काजे हुँक्र पुर्खासे चल्तीआइल परम्परा नैमन्ट?” See the chapterदेउखरिया थारु2 “अप्निक चेलनके बाबापुर्खनके चलन काकरे भङ्ग करथाँ? काकरेकी यने खैनासे आघे अपन हाँथ नै धुइथाँ।” See the chapter |