30 यिह जुनीम कैयौ गुणा धेर आशिष पाई, ओ अइना युगम अनन्त जीवन पाई।”
30 उ यी समयमे बहुत्ते धेउर ईनाम भेटाई और अइना युगमे सदाकालके जीवन भेटाई।”