34 उ रात एक्क बिस्तारम सुतल दुइ जनमध्येम एकठो लैजाजाई ओ औरजुन छोरजाई।
34 मै तुहुरिन्हे कहतुँ, उ रात दुई जाने एक्के पठरीमे रहिहीँ, एकथो लैजाजाई और दोसुर छोरजाजाई।