प्रकाशितवाक्य 9:1 - सिरमौरी नौवाँ नियम1 जोबै पाँचवें स्वर्गदूतै तुरही फोकै, तौ मोऐं स्वर्ग शै धोरती पांदी ऐक तारा गिरदै बैई दैखा, औरौ तारै खै सैजी चाबै दैय गौए जू तैसी गौढै कै खोले सौकौ जिथकै गहराई का कौलोंई अन्त ना हौए सौकौ। See the chapterSirmouri1 जबे पाँचवें स्वर्गदूत्ते रंणशिंगें-कनाँल़ी फूकरी, तअ तबे मुँऐ स्वर्गो शा धर्ती गाशी ऐक तारा च़ूटा अंदा देखा, अरह् तैस्खे अथाह् कुँड की ताल़ी-कुँन्जी देई गई। See the chapter |