प्रकाशितवाक्य 2:4 - सिरमौरी नौवाँ नियम4 पौरौ मुखै तांवआरी ऐजी शिकायत औसौ: कै ऐबै तू मुंआरी तैशणा प्यार ना कौरे जैशणा प्यार तू मुंआरी तोबै कौरे थिया जौल़ौ तुऐं आगलै बैई मुं पांदी बिशवाश कौरा थिया। See the chapterSirmouri4 परह् मेरे तेरे बिरूध दो ऐजो बुल्णों, के तुँऐं आप्णा आगला जिया प्यार छुड़ी थुवा। See the chapter |