8 “धन्य औसौ सैजै, जिनकै मन शुध्द औसौ, जिथुखै सै पौरमेशवर खै दैखदै।”
8 भागोईत असो! सेजे जिनके मंन शुद्ध असो, किन्देखे के से पंणमिश्वर देख्दे।