7 “धन्य औसौ सैजै जू दया कौरणौवाल़ै औसौ, पौरमेशवर तिनु पांदी दया कौरदा।”
7 भागोईत असो! सेजे जू दयालु-कृपालु असो, किन्देखे के तिनू गाशी कृपा करी ज़ाँदी।