56 जिथुकै हांव आदमी का बैटा लोगौ कै प्राणो का नाश कौरदा नै पौरौ बौचाणौ कारिए आए रौआ।” औरौ सै कोसी ओकी गांव दै हौटै गौए)
56 अरह् तबे से कोसी ओकी गाँव दे हुटे।