इबरानी 5:2 - सरगुजिया बाइबिल2 अउ ओहर अज्ञानी मन अउ भटकल मन कर साथ नरम ले ब्यवहार कईर सकथे, एकरे बर कि ओहर खुदेच कमजोर ले घिरल रहथे। See the chapterSurgujia Bible2 जेमन बिगर जाने गलती करके भटक जाथें, ओमन कर संगे ओ महायाजक हर सोगे होए सकथे, काबरकि ओहर खुद कमजोरी में छेंकाईस हवे। See the chapter |