5 काबरकि ओहर हमर यहूदी मईनसे मन जग मया करथे, अऊ ओही हर, हमर धरम सभा कर घर ला बनवाईस हवे।”
5 काबर कि ओहर हमर जाएत ले प्रेम रखथे, अउ ओहिच हर हमर अराधनालय ला बनईस है।”